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चाहत मॉडल बनने की-2

प्रेषिका : पूनमदीदी ने शाम को फ़ोन कर के मुझे बधाई दी कि मुझे चुन लिया गया है और कल ही विज्ञापन की शूटिंग करनी है।अगले दिन मैं सुबह 10 बजे स्टूडियो पहुँच गई,चाहतमॉडलबननेकी दीदी वहीं मिली।फिर मुझे एक हाल में लाया गाया, वहाँ एक बिस्तर, एक मेज, एक कुर्सी, एक स्टैण्ड था। दीदी वहाँ नहीं आई थी। वहाँ एक कैमरामैन, और एक लड़का हर्ष था जिसके साथ मुझे विज्ञापन फ़िल्म करनी थी।फ़िल्म का सीन मुझे बताया गया: आपको 3 ड्रेस इकट्ठी पहननी हैं, पहली ड्रेस तुम खुद उतरोगी, बाकी काम हर्ष का है।मेरी मझ में कुछ नहीं आया तो पूछने पर बताया कि विदेश में इस तरह के ही विज्ञापन चलते हैं। और हाँ, यह पूरी फ़िल्म एक ही बार में होनी है, इसलिये इसमें रिटेक नहीं होगा। फिर मुझे मेरी ड्रेस दी गई, मैं ऊपर वाले का नाम लेकर तैयार हो गई।अब कैमरा चालू था।कैमरामैन : रैडी… स्टार्ट !मैं कैमरे के सामने आई और अपना गाउन आहिस्ता से उतार दिया। अब मैं स्कर्ट और कमीज में थी।हर्ष मेरे पीछे से आया और मेरे दोनों हाथ ऊपर उठा कर स्टैण्ड में एक रस्सी से बांध दिये और मेरे मन में घबराहट होनी शुरू हो गई।हर्ष के हाथ पीछे से मेरी बगलों के नीचे से आए और कमीज के बटन एक एक कर के खोलने लगे।मेरी समझ में कुछ नहीं आ रहा था। उसका खड़ा होता हुआ लिंग मैं अपने पीछे चूतड़ों की घाटी में महसूस कर रही थी।एक मिनट के अन्दर मेरी कमीज के सारे बटन खुल चुके थे। अब मैं अपनी सामने से खुली कमीज में कैमरे के सामने खड़ी थी, हर्ष मेरे पीछे था।फिर उसके दोनों हाथ आगे आए और मेरे गोरे पेट को प्यार से सहलाने लगे। उसके होंट मेरी गर्दन पर आकर मुझे प्यार करने लगे।अब मेरी घबभराहट उत्तेजना में बदलने लगी और कुछ अच्छा भी लगने लगा था। मगर मैं सोच रही थी कि कैसे प्रतिक्रिया दूँ।सोच ही रही थी कि उसका एक हाथ ऊपर आया और मेरे एक उरोज को हल्के हल्के से सहलाना शुरू कर दिया। मुझे उसका मेरे वक्ष पर फ़िसलता हुआ हाथ मजे दे रहा था। अब मैंने सोच लिया था कि जो हो रहा है, होने दो।फिर उसने पास ही रखी कैंची उठा कर कमीज को दोनों आस्तीन से काट कर मेरे तन से अलग कर दिया। मैंने उसके रंग में रंगे जाने का मन बना लिया था।फिर उसका एक हाथ पेट पर आया और दूसरा हाथ मेरी छाती को ऊपर से दोबारा हल्के हल्के हाथ से मसलने लगा। अब मुझे भी और भी मजा आने लाग था। मैं उसके रंग में रंग चुकी थी।उसने अचानक एक हाथ से मेरा मुँह पीछे घुमा कर अपनी जीभ मेरे मुँह में डाल दी… मुझे मीठा मीठा करन्ट सा लगा।मेरे पूरे शरीर में झुरझुरी दौड़ गई। अब मैं उसका पूरा साथ देने का मन बना चुकी थी…कमरे में पूरी रोशनी थी मगर मैं भूल गई कि कैमरा चालू है…फिर हर्ष आगे आया ओर मेरे स्कर्ट को पूरा नीचे करके मेरे पैर को अपने जीभ से चाटने लगा। मुझे उसकी हरकत पर अलग मजा आ रहा था।मैं अब सिर्फ़ ब्रा और पैटी में थी, चाटते चाटते वो मेरी जांघों तक आ गया, उसके हाथ मेरी पीठ को हल्के हल्के सहला रहे थे।अब उसने मेरी पीठ को हल्के-हल्के सहलाते हुए ही कैंची से मेरी ब्रा के फ़ीते दोनों कंधों से काट दिए। मेरे दोनों कंधे अब नंगे हो चुके थे। मैं बन्धे हाथों से उसकी हर हरकत के मजे ले रही थी।उसने मेरे होंटों को अपने होंटों से सटाया और चूसने लगा और साथ ही अपने हाथों से मेरे नंगे कन्धों को सहला रहा था। उसने सहलाते-सहलाते ही मेरे दोनों हाथ खोल दिये। हाथ खोलते ही मैंने उसे पीठ के पीछे से कस कर पकड़ लिया। हम दोनों एक दूसरे को लगातार चूमे जा रहे थे।फिर उसने एक मिनट के लिए मुझे अलग किया और अपने कमीज और पैंट को अपने शरीर से अलग कर दिया, अब वो सिर्फ़ अन्डरवीयर में और मैं पैटी और कटी ब्रा में थी।अपने कपड़े उतारते ही उसने मुझे फिर से जकड़ लिया, गोदी में उठा कर बिस्तर पर पटक दिया और मेरे साथ आकर लेट गया।लेटते ही उसने अपने हाथो से मुझे घुमा दिया अब उसका चेहरा मेरी पीठ की तरफ़ था, वो अपने होंटों से लगातार मेरी पीठ को सहलाए जा रहा था। मेरी हालत बुरी होती जा रही थी। मेरा शरीर बुरी तरह से काम्प रहा था। अब अपने आप को सम्भलना मेरे बस में नहीं था।उसने सहलाते सहलाते मेरी ब्रा के हुक खोल कर मेरी छाती को बिल्कुल नंगा कर दिया।अब मैं सिर्फ़ एक पैंटी पहने उसके आगे लेटी थी वो लगातार अपने होंटों से मेरी पीठ को सहला रहा था और उसके हाथों ने मेरी छाती को मसलना शुरू कर दिया था। मैं और नहीं रुक सकती थी, मैंने अपना हाथ पीछे कर के उसके अण्डरवीयर में डाल दिया…।अरे बाप रे ! इतना मोटा… !मैं उसके लिंग की मोटाई का अन्दाजा लगा कर डर गई मगर अब डरने से कोई फायदा तो था नहीं ! मैं पीछे से ही उसके लिंग को सहलाती रही।उसके दोनों हाथ मेरे छाती को बुरी तरह से मसल रहे थे। मसलते मसलते उसका एक हाथ मेरे पेट के ऊपर से होता हुआ मेरी पैंटी के अन्दर घुस गया।मैं लगातार गर्म होती जा रही थी और वो था कि रुकने का नाम नहीं ले रहा था। उसका हाथ लगातार मेरी योनि को रगड़ रहा था। उसकी इस हरकत से बहुत ही ज्यादा गर्म हो चुकी मैं एकदम से पलटी और उसका लिंग अण्डरवीयर से बाहर निकाल लिया…बाप रे … लम्बाई देख कर मैं हैरान रह गई।मैं उसको देख ही रही थी कि उसने लेटे लेटे ही अपना अण्डारवीयर उतार दिया और मेरी पैंटी भी !अब हम दोनों बिल्कुल नंगे थे।फिर वो अचानक उठा और 69 की अवस्था में आ गया। मैं इसके लिए बिल्कुल भी तैयार न थी। पर वो मेरी योनि को चाटने लगा और लगातार चाट रहा था, मेरे मुँह से आह… आह की आवाज आनी शुरू हो चुकी थी मगर मैं उसका लिंग अपने मुँह में नहीं ले पा रही थी। जब उसने देखा कि मैं उसका लिंग नहीं चूस रही तो वो खड़ा हो गया, मेरे मुँह के पास अपना लिंग ले आया और मेरा सर पकड़ कर अपने लिंग को मेरे होंटों पर घुमाने लगा। धीरे धीरे मुझे यह अच्छा लगने लगा फिर उस ने अचनक अपना लिंग मेरे मुँह में डाल दिया। उसका लिंग मेरे गले तक फ़ंस गया था मेरे मुँह से सिर्फ़ गो गो की आवाज आ रही थी।उसने अब मेरे मुँह में अपने लिंग को आगे-पीछे करना शुरु कर दिया। मैं इस हालत में कुछ भी ना कर पा रही थी। 1-2 मिनट के बाद उसने मेरे मुँह से अपना लिंग निकाल लिया।मैं अब आराम से उसके सामने नंगी खड़ी थी, उसने मुझे उठा कर फ़िर बिस्तर पर डाल दिया और मेरी योनि में अपनी उंगली डाल दी।दर्द के मारे मेरा बुरा हाल हो गया, वो थोड़ी देर यों ही करता रहा, फिर अपने लिंग को को मेरे योनि के पास ले आया और धीरे से अन्दर कर दिया।मगर मेरा दर्द के मारे बुरा हाल था… नहीं नहीं … निकाल… दर्द हो रहा है… निकाल…उसने अपने आप को वहीं रोक दिया और मेरे मुँह में अपना मुँह डाल दिया … और नीचे से झटके देने शुरु कर दिए। मेरा दर्द के मारे बुरा हाल था मगर थोड़ी देर बाद मुझे भी मजा आने लगा, मैंने भी नीचे से ऊपर को उछलना शुरु कर दिया और थोड़ी देर में हम दोनों शान्त हो गये।तभी अचानक मुझे ध्यान आया कि कैमरा तो चालू है !मैंने उसे अपने ऊपर से हटाया और सीधा खड़ी होकर पास ही रखी चादर से अपना जिस्म ढक लिया और भाग कर ड्रेसिंग रूम में चली गई।वापस आई तो देखा कि हर्ष अपने कपड़े पहन चुका था और वो कैमरामैन के साथ खड़ा था।मुझे आता देख कैमरामैन मुस्करा कर बोला- मैडम, फ़िल्म तो पूरी हो गई मगर मेरी फ़िल्म तो बाकी है।मैंने पूछा- क्या मतलब?वो बोला- मैडम, हम भी तो इन्सान हैं, हमारी भी कुछ चाहत है !मैं उसका इशारा समझ गई, बोली- तो जो चाहो कर लो।वो बोला- ऐसे नहीं मैडम ! मेरे तरीके से !फिर जो हुआ वो अगले भाग में !

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